गीतकार : हसरत जयपुरी
गायक : मुकेश
संगीतकार : शंकर जयकिशन
चित्रपट : तीसरी कसम (१९६६)
दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई
तुने काहे को दुनिया बनायीं
काहे बनाये तूने माटी के पुतले
धरती ये प्यारी प्यारी मुखड़े ये उजले
काहे बनाया तूने दुनिया का खेला
जिसमें लगाया जवानी का मेला
गुप-चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहे को दुनिया...
तू भी तो तङपा होगा मन को बना करतुने काहे को दुनिया बनायीं
काहे बनाये तूने माटी के पुतले
धरती ये प्यारी प्यारी मुखड़े ये उजले
काहे बनाया तूने दुनिया का खेला
जिसमें लगाया जवानी का मेला
गुप-चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहे को दुनिया...
तूफां ये प्यार का मन में छुपा कर
कोई छवि तो होगी आँखों में तेरी
आंसूं भी छलके होंगे पलकों से तेरी
बोल क्या सूझी तुझको काहे को प्रीत जगाई
काहे को दुनिया...
प्रीत बनाके तूने जीना सिखाया
हँसना सिखाया, रोना सिखाया
जीवन के पथ पर मीत मिलाये
मीत मिला के तूने सपने जगाए
सपने जगा के तूने काहे को दे दी जुदाई
काहे को दुनिया...
हँसना सिखाया, रोना सिखाया
जीवन के पथ पर मीत मिलाये
मीत मिला के तूने सपने जगाए
सपने जगा के तूने काहे को दे दी जुदाई
काहे को दुनिया...
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