गीतकार : शैलेन्द्र
गायक : मन्ना डे
संगीतकार : शंकर जयकिशन
चित्रपट : तीसरी कसम (१९६६)
चलत मुसाफिर मोह लिया रे
पिंजरे वाली मुनिया
उड़ उड़ बैठी हलवईया दुकनिया
बर्फी के सब रस ले लिया रे
पिंजरे वाली मुनिया...
उड़ उड़ बैठी बजजवा दुकनिया
अरे कपड़ा के सब रस ले लिया रे
पिंजरे वाली मुनिया...
जियो जियो पलकदास जियो
उड़ उड़ बैठी पनवड़िया दुकनिया
अरे बीड़ा के सब रस ले लिया रे
पिंजरे वाली मुनिया...
हाँ चलत मुसाफिर मोह लिया रे...
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