गीतकार : योगेश
गायक : किशोर कुमार
संगीतकार : राहुल देव बर्मन
चित्रपट : मंज़िल (१९७९)
रिमझिम गिरे सावन,
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन,
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
जब घूंगरूओं सी
बजती हैं बूंदे
अरमा हमारे
पलकें ना मूंदे
बजती हैं बूंदे
अरमा हमारे
पलकें ना मूंदे
जब घूंगरूओं सी
बजती हैं बूंदे
अरमा हमारे
पलकें ना मूंदे
बजती हैं बूंदे
अरमा हमारे
पलकें ना मूंदे
कैसे देखे सपने नयन,
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन,
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन,
महफ़िल में कैसे
कह दे किसी से
दिल बंध रहा हैं,
किसी अजनबी से
कह दे किसी से
दिल बंध रहा हैं,
किसी अजनबी से
महफ़िल में कैसे
कह दे किसी से
दिल बंध रहा हैं,
किसी अजनबी से
कह दे किसी से
दिल बंध रहा हैं,
किसी अजनबी से
हाय करे अब क्या जतन,
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन,
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
सुलग सुलग जाये मन
भीगे आज इस मौसम में,
लगी कैसी ये अगन
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