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Friday, 30 December 2016

जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा


गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : मुकेश
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : कटी पतंग (१९७०)


जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा
उस गली से हमें तो गुज़ारना नहीं
जो डगर तेरे द्वारे पे जाती ना हो
उस डगर पे हमें पाँव रखना नहीं

ज़िन्दगी में कई रंगरलियाँ सही
हर तरफ मुस्कुराती ये कलियाँ सही
खूबसूरत बहारों की गलियाँ सही
जिस चमन में तेरे पग में कांटे चुभे
उस चमन से हमें फूल चुनना नहीं
जिस गली में...

हाँ ये रस्में ये कसमें सभी तोड़ के
तू चली आ चुनर प्यार की ओढ़ के
या चला जाऊंगा मैं ये जग छोड़ के
जिस जगह याद तेरी सताने लगे
उस जगह एक पल भी ठहरना नहीं
जिस गली में...

Saturday, 24 December 2016

जो तुमको हो पसंद, वही बात करेंगे


गीतकार : इंदिवर 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : सफर (१९७०)


जो तुमको हो पसंद, वही बात करेंगे
तुम दिन को अगर रात कहो, रात कगेंगे
जो तुमको ...

चाहेंगे, निभाएंगे, सराहेंगे आप ही को
आँखों में दम है जब तक, देखेंगे आप ही को
अपनी ज़ुबान से आपके जज़बात कहेंगे
तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे
जो तुमको हो पसंद ...

देते न आप साथ तो मर जाते हम कभी के
पूरे हुए हैं आप से, अरमान ज़िंदगी के
हम ज़िंदगी को आपकी सौगात कहेंगे
तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे
जो तुमको हो पसंद ...

जो तुमको हो पसंद ...

Thursday, 22 December 2016

इक प्यार का नगमा है


गीतकार : संतोष आनंद 
गायक : लता - मुकेश
संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
चित्रपट : शोर (१९७२)

इक प्यार का नगमा है
मौजों की रवानी है
ज़िंदगी और कुछ भी नहीं
तेरी मेरी कहानी है

कुछ पाकर खोना है, कुछ खोकर पाना है
जीवन का मतलब तो, आना और जाना है
दो पल के जीवन से, इक उम्र चुरानी है
ज़िन्दगी और...

तू धार है नदिया की, मैं तेरा किनारा हूँ
तू मेरा सहारा है, मैं तेरा सहारा हूँ
आँखों में समंदर है, आशाओं का पानी है
ज़िन्दगी और...

तूफ़ान तो आना है, आ कर चले जाना है
बादल है ये कुछ पल का, छा कर ढल जाना है
परछाईयाँ रह जाती, रह जाती निशानी हैं
ज़िन्दगी और...

मैं हर इक पल का शायर हूँ



गीतकार : साहिर लुधियानवी
गायक : मुकेश 
संगीतकार : खय्याम 
चित्रपट : कभी कभी (१९७६)

मैं हर इक पल का शायर हूँ
हर इक पल मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है
मैं हर इक पल का शायर हूँ

रिश्तों का रूप बदलता है, बुनियादें खत्म नहीं होतीं
ख़्वाबों और उमँगों की मियादें खत्म नहीं होतीं
इक फूल में तेरा रूप बसा, इक फूल में मेरी जवानी है
इक चेहरा तेरी निशानी है, इक चेहरा मेरी निशानी है
मैं हर इक ...

तुझको मुझको जीवन अमृत अब इन हाथों से पीना है
इनकी धड़कन में बसना है, इनकी साँसों में जीना है
तू अपनी अदाएं बक्ष इन्हें, मैं अपनी वफ़ाएं देता हूँ
जो अपने लिए सोचीं थी कभी, वो सारी दुआएं देता हूँ
मैं हर इक ...

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है



गीतकार : साहिर लुधियानवी
गायक : मुकेश 
संगीतकार : खय्याम 
चित्रपट : कभी कभी (१९७६)

कभी कभी मेरे दिल
में, ख़याल आता है
के जैसे तुझको
बनाया गया है मेरे लिये
तू अबसे पहले
सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीं पे
बुलाया गया है मेरे लिये
कभी कभी मेरे दिल
में, ख़याल आता है
kabhii kabhii mere dil mein, Kayaal aataa hai
ke jaise tujhako banaayaa gayaa hai mere liye
tuu abase pahale sitaaro.n me.n bas rahii thii kahii.n
tujhe zamii.n pe bulaayaa gayaa hai mere liye
kabhii kabhii mere dil me.n, Kayaal aataa hai
कभी कभी मेरे दिल
में, ख़याल आता है
के ये बदन ये
निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी
छाँव हैं मेरी ख़ातिर
ये होंठ और ये
बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल
में, ख़याल आता है
kabhii kabhii mere dil me.n, Kayaal aataa hai
ke ye badan ye nigaahe.n merii amaanat hai.n
ye gesuo.n kii ghanii chhaa.Nv hai.n merii Kaatir
ye ho.nTh aur ye baahe.n merii amaanat hai.n
kabhii kabhii mere dil me.n, Kayaal aataa hai
कभी कभी मेरे दिल
में, ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे
चाहेगी उम्र भर यूँही
उठेगी मेरी तरफ़
प्यार की नज़र यूँही
मैं जानता हूँ के
तू ग़ैर है मगर यूँही
कभी कभी मेरे दिल
में, ख़याल आता है
kabhii kabhii mere dil me.n, Kayaal aataa hai
ke jaise tuu mujhe chaahegii umra bhar yuu.Nhii
uThegii merii taraf pyaar kii nazar yuu.Nhii
mai.n jaanataa huu.N ke tuu Gair hai magar yuu.Nhii
kabhii kabhii mere dil me.n, Kayaal aataa hai
कभी कभी मेरे दिल
में, ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं
शहनाइयां सी राहों में
सुहाग रात है
घूँघट उठा रहा हूँ मैं  (२)
सिमट रही है तू
शरमा के मेरी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल
में, ख़याल आता है
kabhii kabhii mere dil me.n, Kayaal aataa hai
ke jaise bajatii hai.n shahanaaiyaa.n sii raaho.n me.n
suhaag raat hai ghuu.NghaT uThaa rahaa huu.N mai.n  (2)
simaT rahii hai tuu sharamaa ke merii baaho.n me.n
kabhii kabhii mere dil me.n, Kayaal aataa hai


Read more: http://www.hindilyricspk.in/2015/10/1976-lyrics-kabhi-kabhi-mere-dil-mein.html#ixzz4TdRNvn9T

Wednesday, 21 December 2016

मैं पल दो पल का शायर हूँ



गीतकार : साहिर लुधियानवी
गायक : मुकेश 
संगीतकार : खय्याम 
चित्रपट : कभी कभी (१९७६)

मैं पल दो पल का शायर हूँ
पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है
पल दो पल मेरी जवानी है
मैं पल दो पल का शायर हूँ ...

मुझसे पहले कितने शायर
आए और आकर चले गए
कुछ आहें भर कर लौट गए
कुछ नग़मे गाकर चले गए
वो भी एक पल का किस्सा था
मैं भी एक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊँगा
वो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ
मैं पल दो पल का शायर हूँ ...

कल और आएंगे नग़मों की
खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले
तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करे
क्यूँ कोई मुझको याद करे
मसरूफ़ ज़माना मेरे लिये
क्यूँ वक़्त अपना बरबाद करे
मैं पल दो पल का शायर हूँ ...

Monday, 19 December 2016

सजनवा बैरी हो गये हमार



गीतकार : शैलेन्द्र 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : शंकर जयकिशन 
चित्रपट : तीसरी कसम (१९६६)

सजनवा बैरी हो गये हमार (२)
चिठिया हो तो हर कोई बाँचे
भाग ना बाँचे कोय
करमवा बैरी हो गये हमार

जाए बसे परदेस बलमवा सौतन के भरमाए
ना सन्देस ना कोई खबरिया, रुत आए रुत जाए
ना कोई इस पार हमारा \- २
ना कोई उस पार
सजनवा बैरी हो गये हमार

सूनी सेज गोद मोरी सूनी मर्म ना जाने कोय
छटपट तड़पे एक बिचारी ममता आँसू रोए
डूब गए हम बीच भँवर में \- २
सरके सोलह साल
करमवा बैरी हो गये हमार

दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई



गीतकार : हसरत जयपुरी 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : शंकर जयकिशन 
चित्रपट : तीसरी कसम (१९६६)

दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई
तुने काहे को दुनिया बनायीं

काहे बनाये तूने माटी के पुतले
धरती ये प्यारी प्यारी मुखड़े ये उजले
काहे बनाया तूने दुनिया का खेला
जिसमें लगाया जवानी का मेला
गुप-चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहे को दुनिया...
तू भी तो तङपा होगा मन को बना कर
तूफां ये प्यार का मन में छुपा कर
कोई छवि तो होगी आँखों में तेरी
आंसूं भी छलके होंगे पलकों से तेरी
बोल क्या सूझी तुझको काहे को प्रीत जगाई
काहे को दुनिया...

प्रीत बनाके तूने जीना सिखाया
हँसना सिखाया, रोना सिखाया
जीवन के पथ पर मीत मिलाये
मीत मिला के तूने सपने जगाए
सपने जगा के तूने काहे को दे दी जुदाई
काहे को दुनिया...

सजन रे झूठ मत बोलो



गीतकार : शैलेन्द्र 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : शंकर जयकिशन 
चित्रपट : तीसरी कसम (१९६६)

सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है
न हाथी है ना घोड़ा है, वहाँ पैदल ही जाना है

तुम्हारे महल चौबारे, यहीं रह जाएंगे सारे    \- २
अकड़ किस बात कि प्यारे
अकड़ किस बात कि प्यारे, ये सर फिर भी झुकाना है
सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है ...

भला कीजै भला होगा, बुरा कीजै बुरा होगा    \- २
बही लिख लिख के क्या होगा
बही लिख लिख के क्या होगा, यहीं सब कुछ चुकाना है
सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है ...

लड़कपन खेल में खोया, जवानी नींद भर सोया    \- २
बुढ़ापा देख कर रोया
बुढ़ापा देख कर रोया, वही किस्सा पुराना है
सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है
न हाथी है ना घोड़ा है, वहाँ पैदल ही जाना है
सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है ...

Wednesday, 7 December 2016

मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने



गीतकार : गुलज़ार
गायक : मुकेश 
संगीतकार : सलील चौधरी 
चित्रपट : आनंद (१९७१)

मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने
सपने, सुरीले सपने
कुछ हँसते, कुछ गम के
तेरी आँखों के साये चुराए रसीली यादों ने

छोटी बातें, छोटी-छोटी बातों की हैं यादें बड़ी
भूले नहीं, बीती हुई एक छोटी घड़ी
जनम-जनम से आँखे बिछाईं
तेरे लिए इन राहों ने
मैंने तेरे लिए ही सात...

भोले-भाले, भोले-भाले दिल को बहलाते रहे
तन्हाई में, तेरे ख्यालों को सजाते रहे
कभी-कभी तो आवाज देकर
मुझको जगाया ख़्वाबों ने
मैंने तेरे लिए ही सात...

कहीं दूर जब दिन ढल जाए


गीतकार : योगेश 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : सलील चौधरी 
चित्रपट : आनंद (१९७१)

कहीं दूर जब दिन ढल जाए 
साँझ की दुल्हन बदन चुराए 
चुपके से आए
मेरे ख़यालों के आँगन में 
कोई सपनों के दीप जलाए, दीप जलाए
कहीं दूर ...

कभी यूँहीं, जब हुईं, बोझल साँसें 
भर आई बैठे बैठे, जब यूँ ही आँखें 
तभी मचल के, प्यार से चल के
छुए कोई मुझे पर नज़र न आए, नज़र न आए
कहीं दूर ...

कहीं तो ये, दिल कभी, मिल नहीं पाते
कहीं से निकल आए, जनमों के नाते
घनी थी उलझन, बैरी अपना मन
अपना ही होके सहे दर्द पराये, दर्द पराये
कहीं दूर ...

दिल जाने, मेरे सारे, भेद ये गहरे
खो गए कैसे मेरे, सपने सुनहरे
ये मेरे सपने, यही तो हैं अपने
मुझसे जुदा न होंगे इनके ये साये, इनके ये साये
कहीं दूर ...

आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ


गीतकार : नीरज, 
गायक : मुकेश, 
संगीतकार : शंकर - जयकिशन, 
चित्रपट : पहचान (१९७०)

बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ

एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में
कोई खेले भीड़ में कोई अकेले में
मुस्कुरा कर भेंट हर स्वीकार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ   ...

मैं बसाना चाहता हूँ स्वर्ग धरती पर
आदमी जिस में रहे बस आदमी बनकर
उस नगर की हर गली तैय्यार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ   ...

हूँ बहुत नादान करता हूँ ये नादानी
बेच कर खुशियाँ खरीदूँ आँख का पानी
हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ   ...

Sunday, 4 December 2016

इक दिन बिक जाएगा माटी के मोल



गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : धरम करम (१९७५) 

इक दिन बिक जाएगा, माटी के मोल
जग में रह जाएंगे, प्यारे तेरे बोल
दूजे के होंठों को, देकर अपने गीत
कोई निशानी छोड़, फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक जायेगा   ...

ला ला ललल्लल्ला

(अनहोनी पग में काँटें लाख बिछाए
होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए ) \- (२)
ये बिरहा ये दूरी, दो पल की मजबूरी
फिर कोई दिलवाला काहे को घबराये, तरम्पम,
धारा, तो बहती है, बहके रहती है
बहती धारा बन जा, फिर दुनिया से डोल
एक दिन ...

(परदे के पीछे बैठी साँवली गोरी
थाम के तेरे मेरे मन की डोरी  ) \- (२)
ये डोरी ना छूटे, ये बन्धन ना टूटे
भोर होने वाली है अब रैना है थोड़ी, तरम्पम,
सर को झुकाए तू, बैठा क्या है यार
गोरी से नैना जोड़, फिर दुनिया से डोल
एक दिन ...

Friday, 2 December 2016

क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो


गीतकार : इंदिवर 
गायक : कंचन - मुकेश 
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : धर्मात्मा (१९७५)

क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो
फिर से कहो, कहते रहो, अच्छा लगता है
जीवन का हर सपना अब सच्चा लगता है

तारीफ़ करोगे कब तक, बोलो कब तक
मेरे सीने में साँस रहेगी जब तक
कब तक मैं रहूँगी मन में, हाँ मन में
सूरज होगा जब तक नील गगन में
फिर से कहो...

खुश हो ना मुझे तुम पा कर, मुझे पाकर
प्यासे दिल को आज मिला है सागर
क्या दिल में है और तमन्ना, है तमन्ना
हर जीवन में तुम मेरे ही बनना
फिर से कहो...

Saturday, 26 November 2016

कभी कभी मेरे दिल में



गीतकार : साहिर लुधियानवी 
गायक : लता मंगेशकर, मुकेश 
संगीतकार : खय्याम 
चित्रपट : कभी कभी (१९७६)


कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिये 
तू अबसे पहले सितारों में बस रही थी कहीं 
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिये 
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव हैं मेरी ख़ातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँही
उठेगी मेरी तरफ़ प्यार की नज़र यूँही
मैं जानता हूँ के तू ग़ैर है मगर यूँही
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं शहनाइयां सी राहों में
सुहाग रात है घूँघट उठा रहा हूँ मैं  (२)
सिमट रही है तू शरमा के मेरी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है

Friday, 25 November 2016

कई बार यूँ भी देखा है



गीतकार : योगेश 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : सलील चौधरी 
चित्रपट : रजनीगंधा (१९७४)

कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ने लगता है
अनजानी प्यास के पीछे
अनजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

राहों में, राहों में, जीवन की राहों में
जो खिले हैं फूल, फूल मुस्कुरा के
कौन सा फूल चुरा के
रखूँ लूँ मन में सज़ा के
कई बार यूँ भी...

जानूँ ना, जानूँ ना, उलझन ये जानूँ ना
सुलझाऊं कैसे कुछ समझ ना पाऊं
किसको मीत बनाऊ
किसकी प्रीत भुलाऊं
कई बार यूँ भी...