गीतकार : गुलज़ार
गायक : लता - किशोर
संगीतकार : राहुल देव बर्मन
चित्रपट : आंधी (१९७५)
तुम आ गए हो, नूर आ गया है
नहीं तो चरागों से लौ जा रही थी
जीने की तुमसे, वजह मिल गयी है
बड़ी बेवजह जिन्दगी जा रही थी
कहाँ से चले, कहाँ के लिए
ये खबर नहीं थी मगर
कोई भी सिरा, जहाँ जा मिला
वही तुम मिलोगे
के हम तक तुम्हारी दुआ आ रही थी
तुम आ गए हो...
दिन डूबा नहीं, रात डूबी नहीं
जाने कैसा है सफ़र
ख़्वाबों के दीये, आँखों में लिए
वहीँ आ रहे थे
जहाँ से तुम्हारी सदा आ रही थी
तुम आ गए हो...
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