गीतकार : मिर्ज़ा शौक
गायक : जगजीत कौर
संगीतकार : खय्याम
चित्रपट : बाजार (१९८२)
देख लो आज हमको जी भरके \-२
कोई आता नहीं है फिर मरके
हो गए तुम, अग़र के सौदाई
दूर पहुँचेगी मेरी रुस्वाई
देख लो आज ...
आओ अच्ची तरह से करलो प्यार
के निकल जाएं हम मना लो तुम
देख लो आज ...
याद इतनी तुम्हें दिलाते जाएं
पान कलके लिए लगाते लाएं
No comments:
Post a Comment