Thursday, 22 December 2016

तेरा फूलों जैसा रंग


गीतकार : साहिर लुधियानवी 
गायक : लता मंगेशकर - किशोर कुमार 
संगीतकार : खय्याम 
चित्रपट : कभी कभी (१९७६)

तेरा फूलों जैसा रंग, तेरे शीशे जैसे अंग
पड़ी जैसे ही नज़र मैं तो रह गया दंग
आते जाते करे तंग तेरे अच्छे नहीं ढंग
मैं तो करूंगी सगाई किसी दुसरे के संग
मेरे होते कोई और करे तेरे बारे गौर–२
यह न होगा किसी तौर चाहे चले छुरियाँ –२
सीधे सीधे हाँ करती है या चलना है थाने–२
थाने जाते जाते मर गए तुझसे कई दीवाने –२
यूँ ही नखरे न कर, तेरी छोटी को पकड़–२
तुझे लाऊंगा मैं घर चाहे चले छुरियाँ –२
हाय तेरी बातें है अजब, अरे होले होना है जो अब
तुझे मेरी ही कसम कहीं ढाना न गजब
तुझे छोड़ेंगे न हम चाहे रोके हमें रब
तू है इतना ही तंग तो मैं रंगी तेरे रंग
ले मैं चली तेरे संग चाहे चले छुरियाँ–२
दिल आने की बात है जब जो लग जाए प्यारा
दिल पर किसका जोर है दिल के आगे हर कोई हारा
हाय ओ मेरे यारा –२
दिल मिलने से तेरा मेरा मेल है, दिल मिलना मुक़दरों का खेल है
दिल मिलने का मेला ये जहान है, दिल मिलने से दुनिया जवान है
तीर इश्क़ वाला कोई माने या न माने बे कमान है
दिल आने की बात है जब जो लग जाए प्यारा
दिल पर किसका जोर है दिल के आगे हर कोई हारा
हाय ओ मेरे यारा
मोहब्बत हर दिल का अहा , मोहब्बत हर दिल का अरमान
मोहब्बत हर धड़कन अहा , मोहब्बत हर धड़कन की जान
किसी से कर ले तू अहा ,किसी से कर ले तू पहचान
किसी को दे दे दिल, किसी को दे दे दिल और जान
किसी को रख दिल में, किसी को रख दिल में मेहमान
किसी के रह दिल में , किसी के रह दिल में मेहमान
जवानी आती है एक बार–२ , ये मौसम रहता है दिन चार–२
न खोना इस रुत को बेकार–२ , नहीं नित खिलता ये गुलज़ार –२
कसी से कर लेना इक़रार–२ , किसी से ले लेना इकरार–२
किसी के खातिर हो बदनाम यही है दिलवालों का काम
ज़माना चाहे दे इलज़ाम समझ हर तोहमत को ईनाम
किसी से ले दिल का पैगाम–२ किसी को दे दिल का पैगाम–२

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