गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी
गायक : लता मंगेशकर
संगीतकार : राहुल देव बर्मन
चित्रपट : अनामिका (१९७३)
बाहों में चले आओ
हो, हमसे सनम क्या परदा \-२
श, श, श, श, श, श
बाहों में चले आओ...
(चले ही जाना है, नज़र चुराके यूँ
फिर थामी थी साजन तुमने मेरी कलाई क्यों) \-२
किसी को अपना बना के छोड़ दे ऐसा कोई नहीं करता
श, श, श, श, श, श
बाहों में चले आओ...
(कभी कभी कुछ तो, कहो पिया हमसे
ए, कम\-से\-कम आज तो खुलके मिलो ज़रा हमसे) \-२
है रात अपनी, जो तुम हो अपने, किसी का फिर हमें डर क्या
श, श, श, श, श, श
बाहों में चले आओ...
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