गीतकार : कैफी आज़मी
गायक : जगजीत सिंह
संगीतकार : जगजीत सिंह
चित्रपट : अर्थ (१९८३)
तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो
क्या ग़म है जिसको छुपा रहे हो
तुम इतना...
आँखों में नमी हँसी लबों पर
क्या हाल है क्या दिखा रहे हो
क्या ग़म है...
बन जायेंगे ज़हर पीते पीते \- (२)
ये अश्क़ जो पीते जा रहे हो
क्या ग़म है...
रेखाओं का खेल है मुक़द्दर \- (२)
रेखाओं से मात खा रहे हो
क्या ग़म है...
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