Wednesday, 7 December 2016

ख़्वाब बन कर कोई आयेगा




चूम कर रात जो सुलायेगी तो नींद आयेगी
ख़्वाब बन कर कोई आयेगा तो नींद आयेगी
अब वही आ के सुलायेगा तो नींद आयेगी
ख़्वाब बन कर ...

बात जो सिर्फ़ निगाहों से कही जाती है
कोई होंठों से सुनायेगा तो नींद आयेगी
ख़्वाब बन कर ...

नर्म ज़ुल्फ़ों की महक गर्म बदन की खुशबू
चुपके चुपके वो चुरायेगा तो नींद आयेगी
ख़्वाब बन कर ...

जिस्म हाथों की हरारत से पिघल जायेगा
आग रग रग में लगायेगा तो नींद आयेगी
ख़्वाब बन कर ...

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