Saturday, 24 December 2016

जीवन से भरी तेरी आँखें


गीतकार : इंदिवर 
गायक : किशोर कुमार 
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : सफर (१९७०)

जीवन से भरी तेरी आँखें
मजबूर करे जीने के लिये
सागर भी तरसते रहते हैं
तेरे रूप का रस पीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें ...

तस्वीर बनाये क्या कोई
क्या कोई लिखे तुझपे कविता
रंगों छंदों में समाएगी
किस तरह से इतनी सुंदरता
एक धड़कन है तू दिल के लिये
एक जान है तू जीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें ...

मधुबन कि सुगंध है साँसों में
बाहों में कंवल की कोमलता
किरणों का तेज है चेहरे पे
हिरनों की है तुझ में चंचलता
आंचल का तेरे एक तार बहुत
कोई छाक जिगर सीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें ...

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