गीतकार : बशर नवाज
गायक : भूपेंद्र
संगीतकार : खय्याम
चित्रपट : बाज़ार (१९८२)
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी
गुज़रते वक़्त की, हर मौज ठहर जायेगी
करोगे याद तो...
ये चाँद बीते ज़मानों का आईना होगा
भटकते अब्र में, चेहरा कोई बना होगा
उदास राह कोई दास्तां सुनाएगी
करोगे याद तो...
बरसता भीगता मौसम धुआँ-धुआँ होगा
पिघलती शम्मों पे दिल का मेरे ग़ुमां होगा
हथेलियों की हिना, याद कुछ दिलायेगी
करोगे याद तो...
गली के मोड़ पे, सूना सा कोई दरवाज़ा
तरसती आँखों से रस्ता किसी का देखेगा
निगाह दूर तलक जा के लौट आएगी
करोगे याद तो...
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