Saturday, 31 December 2016

एक लड़की भीगी भागी सी


गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी
गायक : किशोर कुमार 
संगीतकार : सचिन देव बर्मन
चित्रपट : चलती का नाम गाडी (१९५८)


एक लड़की भीगी भागी सी,
सोती रातों में जागी सी
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं

दिल ही दिल में
जली जाती हैं,
बिगड़ी बिगड़ी
चली आती हैं
झुंझलाती हुई,
बलखाती हुई,
सावन की सुनी रात में
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
एक लड़की भीगी भागी सी

डगमग डगमग
लहकी लहकी,
भूली भटकी,
बहकी बहकी
मचली मचली,
घर से निकली,
पगली सी काली रात में
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
एक लड़की भीगी भागी सी

तन भीगा हैं,
सर गीला हैं,
उसका कोई पेंच भी ढीला हैं
तनती झुकती,
चलती रुकती,
निकली अंधेरी रात में
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
एक लड़की भीगी भागी सी,
सोती रातों में जागी सी
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं

खोया खोया चाँद, खुला आसमान



गीतकार : शैलेन्द्र
गायक : मोहम्मद रफी
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : काला बाजार (१९६०)

खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुम को भी कैसे नींद आयेगी

मस्ती भरी, हवा जो चली
खिल खिल गयी ये दिल की कली
दिल की गली में है खलबली
कि उनको तो बुलाओ
ख़ोया खोया चाँद...

तारे चले, नज़ारे चले
संग संग मेरे वो सारे चले
चारो तरह इशारे चले
किसी की तो हो जाओ
खोया खोया चाँद...

ऐसी ही रात, भीगी सी रात
हाथो में हाथ, होते वो साथ
कह लेते उनसे दिल की ये बात
अब तो ना सताओ
खोया खोया चाँद...

हम मिट चले हैं जिनके लिए
बिन कुछ कहे वो चुप चुप रहे
कोई ज़रा ये उनसे कहे
ना ऐसे आजमाओ
खोया खोया चाँद...

लाखों हैं यहाँ दिलवाले



गीतकार : एस. एच. बिहारी
गायक : महेंद्र कपूर 
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर 
चित्रपट : किस्मत (१९६८)

लाखों हैं यहाँ दिलवाले 
और प्यार नहीं मिलता
आखों में किसी की वफ़ा का 
इकरार नहीं मिलता

महफ़िल महफ़िल जा देखा, 
हर दिल में समाकर देखा
हर साज़ पे गा कर देखा
दिल को कही चैन ना मिला
मैं तो दुनियाँ में प्यारे अकेला ही रहा

इस दिल को कहा ले जाये, 
कुछ आप अगर फरमाये
तो आपके हम हो जाये
कह दो हमें, हंस के ज़रा
अजी जो कुछ भी दिल ने तुम्हारे है कहा

Friday, 30 December 2016

जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा


गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : मुकेश
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : कटी पतंग (१९७०)


जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा
उस गली से हमें तो गुज़ारना नहीं
जो डगर तेरे द्वारे पे जाती ना हो
उस डगर पे हमें पाँव रखना नहीं

ज़िन्दगी में कई रंगरलियाँ सही
हर तरफ मुस्कुराती ये कलियाँ सही
खूबसूरत बहारों की गलियाँ सही
जिस चमन में तेरे पग में कांटे चुभे
उस चमन से हमें फूल चुनना नहीं
जिस गली में...

हाँ ये रस्में ये कसमें सभी तोड़ के
तू चली आ चुनर प्यार की ओढ़ के
या चला जाऊंगा मैं ये जग छोड़ के
जिस जगह याद तेरी सताने लगे
उस जगह एक पल भी ठहरना नहीं
जिस गली में...

Thursday, 29 December 2016

ये जो मोहब्बत है, ये उनका है काम


गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : किशोर कुमार
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : कटी पतंग (१९७०)


ये जो मोहब्बत है, ये उनका है काम
महबूब का जो, बस लेते हुए नाम
मर जाएं, मिट जाएं, हो जाएँ बदनाम
रहने दो, छोडो भी, जाने दो यार
हम ना करेंगे प्यार

टूटे अगर सागर, नया सागर कोई ले ले
मेरे खुदा दिल से कोई किसी के न खेले
दिल टूट जाए तो क्या हो अंजाम
ये जो मोहब्बत है...

आँखे किसी से ना उलझ जाए मैं डरता हूँ
यारो हसीनों की गली से मैं गुजरता हूँ
बस दूर ही से कर के सलाम
ये जो मोहब्बत है...

प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है


गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : किशोर कुमार
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : कटी पतंग (१९७०)

प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है
हर खुशी से, हर ग़म से, बेगाना होता है

शमां कहे परवाने से, परे चला जा 
मेरी तरह जल जायेगा, यहाँ नहीं आ
वो नहीं सुनता, उसको जल जाना होता है
हर खुशी से...

रहे कोई सौ परदों में, डरे शरम से 
नज़र अजी लाख चुराये, कोई सनम से
आ ही जाता है, जिसपे दिल आना होता है
हर खुशी से...

सुनो किसी शायर ने ये, कहा बहुत खूब
मना करे दुनिया लेकिन, मेरे महबूब
वो छलक जाता है जो पैमाना होता है
हर खुशी से...

न कोई उमंग है, न कोई तरंग है


गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : लता मंगेशकर
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : कटी पतंग (१९७०)


न कोई उमंग है, न कोई तरंग है
मेरी ज़िंदगी है क्या, इक कटी पतंग है

आकाश से गिरी मैं, इक बार कट के ऐसे
दुनिया ने फिर न पूछा, लूटा है मुझको कैसे
न किसी का साथ है, न किसी का संग
मेरी ज़िंदगी है क्या...

लग के गले से अपने, बाबुल के मैं न रोई
डोली उठी यूँ जैसे, अर्थी उठी हो कोई
यही दुख तो आज भी मेरा अंग संग है
मेरी ज़िंदगी है क्या...

सपनों के देवता क्या, तुझको करूँ मैं अर्पण
पतझड़ की मैं हूँ छाया, मैं आँसुओं का दर्पन
यही मेरा रूप है, यही मेरा रँग है
मेरी ज़िंदगी है क्या...

ये शाम मस्तानी, मदहोश किये जाए


गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : किशोर कुमार
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : कटी पतंग (१९७०)

ये शाम मस्तानी, मदहोश किये जाए
मुझे डोर कोई खींचे, तेरी ओर लिए जाए

दूर रहती है तू, मेरे पास आती नहीं
होठों पे तेरे, कभी प्यास आती नहीं
ऐसा लगे, जैसे के तू, हँस के ज़हर कोई पीये जाए
ये शाम मस्तानी...

बात जब मैं करूँ, मुझे रोक देती है क्यों
तेरी मीठी नज़र, मुझे टोक देती है क्यों
तेरी हया, तेरी शरम, तेरी क़सम, मेरे होंठ सीए जाए
ये शाम मस्तानी...

एक रूठी हुई, तक़दीर जैसे कोई
खामोश ऐसे है तू, तस्वीर जैसे कोई
तेरी नज़र, बन के जुबां, लेकिन तेरे पैगाम दिए जाए
ये शाम मस्तानी...

घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूँ मैं



गीतकार : रविन्द्र जैन 
गायक : किशोर कुमार 
संगीतकार : रविन्द्र जैन 
चित्रपट : चोर मचाए शोर (१९७४)(


घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूँ मैं
कभी इस पग में, कभी उस पग में
बंधता ही रहा हूँ मैं
घुंघरू की तरह...

कभी टूट गया, कभी तोड़ा गया
सौ बार मुझे फिर जोड़ा गया
यूँ ही लुट-लुट के, और मिट-मिट के
बनता ही रहा हूँ मैं
घुंघरू की तरह...

मैं करता रहा औरों की कही
मेरी बात मेरे मन ही में रही
कभी मंदिर में, कभी महफ़िल में
सजता ही रहा हूँ मैं
घुंघरू की तरह...

अपनों में रहे या गैरों में
घुंघरू की जगह तो है पैरों में
फिर कैसा गिला जग से जो मिला
सहता ही रहा हूँ मैं
घुंघरू की तरह...
१९७४) 

ले जायेंगे ले जायेंगे दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे




ले जायेंगे ले जायेंगे दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे
रह जायेंगे रह जायेंगे पैसे वाले देखते रह जायेंगे

तुम हो कलि तो गुलाब हम है
होठो से लगा लो तो शराब हम है
कहते है लोग की खराब हम है
तेरी हर बात का जवाब हम है ला जवाब हम है
अपने दो हाथो का कमाया हुआ खाने वाले 
अपना पराया कभी खायेगे ससुरजी 
ले जायेंगे ले जायेंगे तेरी सो मछरिया ले जायेंगे
ले जायेंगे ले जायेंगे दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे

मै भी तेरे साथ हू दिल भी तेरे साथ
सजना दिल भी तेरे साथ
ऊह चाहे जब आजा चन्ना ले के बरात
छेती-छेती आजा चन्ना ले के बरात..

मेरे पास कोठी है ना कार सजनी ना कार सजनी
कदका है तेरा दिलदार सजनी ओह दिलदार सजनी
कोठी बंगला ना मुझे कार चाहिए
दिल चाहिए दिलदार चाहिए दिलदार चाहिए
ओह चल फिर चालिए सोनिये नि बलिये
दिल की ही दुनिया बसायेंगे ओ बुलबुल
ले जायेंगे ले जायेंगे तेरे बाग़ की बुलबुल ले जायेंगे
ले जायेगे ले जायेगे तेरी सो मछरिया ले जायेगे

दर पे खड़े है कल्याण कर दो कल्याण कर दो
ओह काम कोई एक तो महान कर दो ओह महान कर दो
खर्चा दहेज़ का भी बच जायेगा 
लगे हाथो कन्या का दान करदो है का दान करदो
कभी कभी तेरे घर तीरथ समझ कर
दर्शन को हम आयेगे ससुरजी
ले जायेगे ले जायेगे तेरी बाकी हिरनिया ले जायेगे
ले जायेगे ले जायेगे दिलवाले दुल्हनिया ले जायेगे
रह जायेगे रह जायेगे पैसे वाले देखते रह जायेगे..

Monday, 26 December 2016

मीत न मिला रे मन का



गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी 
गायक :
किशोर कुमार
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : अभिमान (१९७३)


मीत न मिला रे मन का \- (२)
कोई तो मिलन का
कोई तो मिलन का, करो रे उपाय
मीत न...

चैन नहीं बाहर, चैन नहीं घर में
मन मेरा धरती पर, और कभी अंबर में
उसको ढूँढा, हर डगर में, हर नगर में
गली गली देखा नयन उठाये
मीत न...

रोज़ मैं अपने ही, प्यार को समझाऊँ
वो नहीं आयेगा, मान नहीं पाऊँ
शाम ही से प्रेम दीपक, मैं जलाऊँ
फिर वोही दीपक, दूँ मैं बुझाये
मीत न...

देर से मन मेरा, आस लिये डोले \- (२)
प्रीत भरी बानी, राग मेरा बोले
कोई सजनी, एक खिड़की भी न खोले
लाख तराने, कहा मैं सुनाये
मीत न...

तेरी बिंदिया रे


गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी 
गायक : लता मंगेशकर, 
मोहम्मद रफी
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : अभिमान (१९७३)


रफ़ी:  hmmm..., ओ...
        तेरी बिंदिया रे
 रे आय हाय
 तेरी बिंदिया रे \- २
 रे आय हाय
लता:  सजन बिंदिया ले लेगी तेरी निंदिया
रफ़ी:  रे आय हाय
 तेरी बिंदिया रे
 
रफ़ी:  तेरे माथे लगे हैं यूँ, जैसे चंदा तारा
 जिया में चमके कभी कभी तो, जैसे कोई अन्गारा
 तेरे माथे लगे हैं यूँ
लता:  सजन निंदिया...
 सजन निंदिया ले लेगी ले लेगी ले लेगी 
 मेरी बिंदिया
रफ़ी:  रे आय हाय
 तेरा झुमका रे
 रे आय हाय
 तेरा झुमका रे
लता:  चैन लेने ना देगा सजन तुमका
 रे आय हाय मेरा झुमका रे
 
लता:  मेरा गहना बलम तू, तोसे सजके डोलूं
 भटकते हैं तेरे ही नैना, मैं तो कुछ ना बोलूं
 मेरा गहना बलम तू
रफ़ी:  तो फिर ये क्या बोले है बोले है बोले है
 तेरा कंगना
लता:  रे आय हाय
 मेरा कंगना रे
 बोले रे अब तो छूटे न तेरा अंगना
रफ़ी:  रे आय हाय
 तेरा कंगना रे
 
रफ़ी:  तू आयी है सजनिया, जब से मेरी बनके
 ठुमक ठुमक चले है जब तू, मेरी नस नस खनके
 तू आयी है सजनिया 
लता:  सजन अब तो 
 सजन अब तो छूटेना छूटेना छूटेना
 तेरा अंग्ना
रफ़ी:  रे आय हाय
 तेरा कंगना रे
लता:  सजन अब तो छूटेना तेरा अंगना
 रे आय हाय
 तेरा अंगना रे

तेरे मेरे मिलन की ये रैना




गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी 
गायक : लता मंगेशकर, 
किशोर कुमार
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : अभिमान (१९७३)


तेरे मेरे मिलन की ये रैना
नया कोई गुल खिलायेगी
तभी तो चंचल हैं तेरे नैना
देखो ना
देखो ना,  तेरे मेरे मिलन की ये रैना
     
(नन्हां सा गुल खिलेगा अँगना
सूनी बइंयाँ सजेगी सजना) \- २
जैसे खेले चंदा बादल में
खेलेगा वो तेरे आंचल में
(चंदनिया गुनगुनायेगी) \- २
तभी तो चंचल हैं तेरे नैना, देखो ना ...

(तुझे थामे कई हाथों से
मिलूंगा मदभरी रातों में) \- २
जगा के अनसूनी सी धड़कन
बलमवा भर दूंगी तेरा मन
(नई अदा से सतायेगी) \- २
तभी तो चंचल हैं तेरे नैना, देखो ना ...

लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी



गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी 
गायक : लता मंगेशकर, मनहर उधास 

संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : अभिमान (१९७३)


ल: लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी \- (२)
म: कौन है वो, अपनों में कभी, ऐसा कहीं होता है,
 ये तो बड़ा धोखा है
ल: लूटे कोई ...

ल: (यहीं पे कहीं है, मेरे मन का चोर 
म: नज़र पड़े तो बइयाँ दूँ मरोड़ ) \- (२)
ल: जाने दो, जैसे तुम प्यारे हो,
 वो भी मुझे प्यारा है, जीने का सहारा है
म: देखो जी तुम्हारी यही बतियाँ मुझको हैं तड़पातीं
ल: लूटे कोई ...

म: (रोग मेरे जी का, मेरे दिल का चैन
ल: साँवला सा मुखड़ा, उसपे कारे नैन ) \- (२)
म: ऐसे को, रोके अब कौन भला,
 दिल से जो प्यारी है, सजनी हमारी है
ल: का करूँ मैं बिन उसके रह भी नहीं पाती
ल,म: लूटे कोई ...

अब तो है तुमसे हर खुशी अपनी



गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी 
गायक : लता मंगेशकर 
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : अभिमान (१९७३)

अब तो है तुमसे हर खुशी अपनी
तुमपे मरना है ज़िंदगी अपनी
ओ ओ अब तो है तुमसे   ...

जब हो गया तुमपे ये दिल दीवाना
अब चाहे जो भी कहे हमको ज़माना
कोई बनाये बातें चाहे अब जितनी
ओ ओ अब तो है तुमसे   ...

तेरे प्यार में बदनाम दूर दूर हो गये
तेरे साथ हम भी सजन, मश्हूर हो गये
देखो कहाँ ले जाये, बेखुदी अपनी
ओ ओ अब तो है तुमसे   ...

Saturday, 24 December 2016

जो तुमको हो पसंद, वही बात करेंगे


गीतकार : इंदिवर 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : सफर (१९७०)


जो तुमको हो पसंद, वही बात करेंगे
तुम दिन को अगर रात कहो, रात कगेंगे
जो तुमको ...

चाहेंगे, निभाएंगे, सराहेंगे आप ही को
आँखों में दम है जब तक, देखेंगे आप ही को
अपनी ज़ुबान से आपके जज़बात कहेंगे
तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे
जो तुमको हो पसंद ...

देते न आप साथ तो मर जाते हम कभी के
पूरे हुए हैं आप से, अरमान ज़िंदगी के
हम ज़िंदगी को आपकी सौगात कहेंगे
तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे
जो तुमको हो पसंद ...

जो तुमको हो पसंद ...

नदिया चले चले रे धारा


गीतकार : इंदिवर 
गायक : मन्ना डे 
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : सफर (१९७०)


ओहोहो ... (chorus)\- २
ओ नदिया चले चले रे धारा
ओहोहोह ... (chorus)
ओ नदिया चले चले रे धारा 
चन्दा चले चले रे तारा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा (chorus)
ओहोहो ... (chorus)\- २ 

जीवन कहीं भी ठहरता नहीं है  \- २
आँधी से तूफां से डरता नहीं है 
तू ना चलेगा तो चल देंगी राहें 
है रे है रे है रे है रे (chorus)
ओ ... तू ना चलेगा तो चल देंगी राहें 
मंज़िल को तरसेंगी तेरी निगाहें 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा (chorus)
ओ नदिया चले चले रे धारा 
चन्दा चले चले रे तारा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा (chorus)
ओ ... (up and down)...... (chorus)\- ८ 

पार हुआ वो रहा वो सफ़र में 
ओ ... पार हुआ वो रहा वो सफ़र में 
जो भी रुका फिर गया वो भंवर में 
नाव तो क्या बह जाये किनारा
ओ ... नाव तो क्या बह जाये किनारा 
बड़ी ही तेज़ समय की है धारा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा (chorus)
ओह... नदिया चले चले रे धारा 
चँदा चले चले रे तारा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा 
तुझको चलना होगा, तुझको चलना होगा (chorus)

जीवन से भरी तेरी आँखें


गीतकार : इंदिवर 
गायक : किशोर कुमार 
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : सफर (१९७०)

जीवन से भरी तेरी आँखें
मजबूर करे जीने के लिये
सागर भी तरसते रहते हैं
तेरे रूप का रस पीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें ...

तस्वीर बनाये क्या कोई
क्या कोई लिखे तुझपे कविता
रंगों छंदों में समाएगी
किस तरह से इतनी सुंदरता
एक धड़कन है तू दिल के लिये
एक जान है तू जीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें ...

मधुबन कि सुगंध है साँसों में
बाहों में कंवल की कोमलता
किरणों का तेज है चेहरे पे
हिरनों की है तुझ में चंचलता
आंचल का तेरे एक तार बहुत
कोई छाक जिगर सीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें ...

हम थे जिनके सहारे


गीतकार : इंदिवर 
गायक : लता मंगेशकर
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : सफर (१९७०)


हम थे जिनके सहारे,  वो हुए ना हमारे
डूबी जब दिल की नय्या,  सामने थे किनारे
हम थे जिनके सहारे ...

क्या मुहब्बत के वादे,  क्या वफ़ा के इरादे
रेत की हैं दीवारें,  जो भी चाहे गिरा दे
जो भी चाहे गिरा दे
हम थे जिनके सहारे ...

है सभी कुछ जहाँ में,  दोस्ती है वफ़ा है
अपनी ये कमनसीबी,  हमको ना कुछ भी मिला है
हमको ना कुछ भी मिला है
हम थे जिनके सहारे ...

यूँ तो दुनिया बसेगी,  तनहाई फिर भी डसेगी
जो ज़िंदगी में कमी थी,  वो कमी तो रहेगी
वो कमी तो रहेगी
हम थे जिनके सहारे ..

ज़िंदगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र


गीतकार : इंदिवर 
गायक : किशोर कुमार 
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : सफर (१९७०)


ज़िंदगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र
कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं
है ये कैसी डगर चलते हैं सब मगर
कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं

ज़िंदगी को बहुत प्यार हमने किया
मौत से भी मुहब्बत निभायेंगे हम
रोते रोते ज़माने में आये मगर
हँसते हँसते ज़माने से जायेँगे हम
जायेँगे पर किधर है किसे ये खबर
कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं

ऐसे जीवन भी हैं जो जिये ही नहीं
जिनको जीने से पहले ही मौत आ गयी
फूल ऐसे भी हैं जो खिले ही नहीं
जिनको खिलने से पहले फ़िज़ा खा गई
है परेशां नज़र थक गये चाराग़र
कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं

है ये कैसी डगर चलते हैं सब मगर
कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं
ज़िन्दगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र
कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं

Thursday, 22 December 2016

इक प्यार का नगमा है


गीतकार : संतोष आनंद 
गायक : लता - मुकेश
संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
चित्रपट : शोर (१९७२)

इक प्यार का नगमा है
मौजों की रवानी है
ज़िंदगी और कुछ भी नहीं
तेरी मेरी कहानी है

कुछ पाकर खोना है, कुछ खोकर पाना है
जीवन का मतलब तो, आना और जाना है
दो पल के जीवन से, इक उम्र चुरानी है
ज़िन्दगी और...

तू धार है नदिया की, मैं तेरा किनारा हूँ
तू मेरा सहारा है, मैं तेरा सहारा हूँ
आँखों में समंदर है, आशाओं का पानी है
ज़िन्दगी और...

तूफ़ान तो आना है, आ कर चले जाना है
बादल है ये कुछ पल का, छा कर ढल जाना है
परछाईयाँ रह जाती, रह जाती निशानी हैं
ज़िन्दगी और...

मैं हर इक पल का शायर हूँ



गीतकार : साहिर लुधियानवी
गायक : मुकेश 
संगीतकार : खय्याम 
चित्रपट : कभी कभी (१९७६)

मैं हर इक पल का शायर हूँ
हर इक पल मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है
मैं हर इक पल का शायर हूँ

रिश्तों का रूप बदलता है, बुनियादें खत्म नहीं होतीं
ख़्वाबों और उमँगों की मियादें खत्म नहीं होतीं
इक फूल में तेरा रूप बसा, इक फूल में मेरी जवानी है
इक चेहरा तेरी निशानी है, इक चेहरा मेरी निशानी है
मैं हर इक ...

तुझको मुझको जीवन अमृत अब इन हाथों से पीना है
इनकी धड़कन में बसना है, इनकी साँसों में जीना है
तू अपनी अदाएं बक्ष इन्हें, मैं अपनी वफ़ाएं देता हूँ
जो अपने लिए सोचीं थी कभी, वो सारी दुआएं देता हूँ
मैं हर इक ...

तेरा फूलों जैसा रंग


गीतकार : साहिर लुधियानवी 
गायक : लता मंगेशकर - किशोर कुमार 
संगीतकार : खय्याम 
चित्रपट : कभी कभी (१९७६)

तेरा फूलों जैसा रंग, तेरे शीशे जैसे अंग
पड़ी जैसे ही नज़र मैं तो रह गया दंग
आते जाते करे तंग तेरे अच्छे नहीं ढंग
मैं तो करूंगी सगाई किसी दुसरे के संग
मेरे होते कोई और करे तेरे बारे गौर–२
यह न होगा किसी तौर चाहे चले छुरियाँ –२
सीधे सीधे हाँ करती है या चलना है थाने–२
थाने जाते जाते मर गए तुझसे कई दीवाने –२
यूँ ही नखरे न कर, तेरी छोटी को पकड़–२
तुझे लाऊंगा मैं घर चाहे चले छुरियाँ –२
हाय तेरी बातें है अजब, अरे होले होना है जो अब
तुझे मेरी ही कसम कहीं ढाना न गजब
तुझे छोड़ेंगे न हम चाहे रोके हमें रब
तू है इतना ही तंग तो मैं रंगी तेरे रंग
ले मैं चली तेरे संग चाहे चले छुरियाँ–२
दिल आने की बात है जब जो लग जाए प्यारा
दिल पर किसका जोर है दिल के आगे हर कोई हारा
हाय ओ मेरे यारा –२
दिल मिलने से तेरा मेरा मेल है, दिल मिलना मुक़दरों का खेल है
दिल मिलने का मेला ये जहान है, दिल मिलने से दुनिया जवान है
तीर इश्क़ वाला कोई माने या न माने बे कमान है
दिल आने की बात है जब जो लग जाए प्यारा
दिल पर किसका जोर है दिल के आगे हर कोई हारा
हाय ओ मेरे यारा
मोहब्बत हर दिल का अहा , मोहब्बत हर दिल का अरमान
मोहब्बत हर धड़कन अहा , मोहब्बत हर धड़कन की जान
किसी से कर ले तू अहा ,किसी से कर ले तू पहचान
किसी को दे दे दिल, किसी को दे दे दिल और जान
किसी को रख दिल में, किसी को रख दिल में मेहमान
किसी के रह दिल में , किसी के रह दिल में मेहमान
जवानी आती है एक बार–२ , ये मौसम रहता है दिन चार–२
न खोना इस रुत को बेकार–२ , नहीं नित खिलता ये गुलज़ार –२
कसी से कर लेना इक़रार–२ , किसी से ले लेना इकरार–२
किसी के खातिर हो बदनाम यही है दिलवालों का काम
ज़माना चाहे दे इलज़ाम समझ हर तोहमत को ईनाम
किसी से ले दिल का पैगाम–२ किसी को दे दिल का पैगाम–२