Wednesday, 30 November 2016

हे मैंने क़सम ली



गीतकार : नीरज 
गायक : लता - किशोर 
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : तेरे मेरे सपने (१९७१)

कि: हे मैं ने क़सम ली
ल: ली
कि: हे तूने क़सम ली
ल: ली
कि: नहीं होंगे जुदा हम...
कि/ल: हे मैं ने क़सम ली

कि: साँस तेरी मदिर मदिर जैसे रजनी गंधा
 प्यार तेरा मधुर मधुर चाँदनी की गंगा
ल: hm hm साँस तेरी मदिर मदिर जैसे रजनी गंधा
 प्यार तेरा मधुर मधुर चाँदनी की गंगा
 नहीं होंगे जुदा
कि: नहीं होंगे जुदा
ल: नहीं होंगे जुदा हम... 
 मैं ने क़सम ली
कि: ली
ल: हे तूने क़सम ली
कि: ली
ल: नहीं होंगे जुदा हम...
कि/ल: हे मैं ने क़सम ली

ल: पा के कभी, खोया तुझे, खो के कभी पाया
 जनम जनम, तेरे लिये, बदली हमने काया  
कि: पा के कभी, खोया तुझे, खो के कभी पाया
 जनम जनम, तेरे लिये, बदली हमने काया
 नहीं होंगे जुदा
ल: नहीं होंगे जुदा
कि: नहीं होंगे जुदा हम...
 मैं ने क़सम ली
ल: ली
कि: हे तूने क़सम ली
ल: ली
कि: नहीं होंगे जुदा हम...
कि/ल: हे मैं ने क़सम ली

कि: एक तन है, एक मन है, एक प्राण अपने
 एक रंग, एक रूप, तेरे मेरे सपने
ल: एक तन है, एक मन है, एक प्रण अपने
 एक रंग, एक रूप, तेरे मेरे सपने
 नहीं होंगे जुदा
कि: नहीं होंगे जुदा
ल: नहीं होंगे जुदा हम...
 मैं ने क़सम ली
कि: ली
ल: हे तूने क़सम ली
कि: ली
ल: नहीं होंगे जुदा हम...
कि/ल: हे मैं ने क़सम ली

No comments:

Post a Comment