Saturday, 26 November 2016

छुपा लो यूं दिल में प्यार मेरा



गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी
गायक : लता - हेमंत कुमार
संगीतकार : रोशन 
चित्रपट : ममता (१९६६)

छुपा लो यूं दिल में प्यार मेरा
के जैसे मंदिर में लौ दिए की
तुम अपने चरणों में रख लो मुझको
तुम्हारे चरणों का फूल हूँ मैं
मैं सर झुकाए खड़ी हूँ प्रीतम
के जैसे मंदिर में लौ दिए की

ये सच है जीना, था पाप तुम बिन
ये पाप मैंने किया है अब तक
मगर थी मन में छबी तुम्हारी
के जैसे मंदिर...

फिर आग बिरहा की मत लगाना
के जल के मैं राख हो चुकी हूँ
ये राख माथे पे मैंने रख ली
के जैसे मंदिर...

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