Wednesday, 30 November 2016

जब दीप जले आना



गीतकार : रविन्द्र जैन 
गायक : हेमलता - येशुदास 
संगीतकार : रविन्द्र जैन 
चित्रपट : चितचोर (१९७६)

जब दीप जले आना, जब शाम ढले आना
संकेत मिलन का भूल न जाना
मेरा प्यार ना बिसराना

मैं पलकन डगर बुहारूंगा
तेरी राह निहारूंगा
मेरी प्रीत का काजल
तुम अपने नैनों में मले आना
जब दीप जले आना...

जहाँ पहली बार मिले थे हम
जिस जगह से संग चले थे हम
नदिया के किनारे आज
उसी अमवा के तले आना
जब दीप जले आना...

ऩि रे ग, रे ग - म ग रे स स ऩि, प प म, रे ग - स नि - स ग प म प

नित सांझ सवेरे मिलते हैं
उन्हें देखके तारे खिलते हैं
लेते हैं विदा एक दूजे से
कहते हैं चले आना
जब दीप जले आना...

होंठों से छूलो तुम



गीतकार : इंदिवर, 
गायक : जगजीत सिंह 
संगीतकार : जगजीत सिंह 
चित्रपट : प्रेम गीत (१९८१)

होंठों से छूलो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
बन जाओ मीत मेरे
मेरी प्रीत अमर कर दो

न उमर की सीमा हो
न जनम का हो बंधन
जब प्यार करे कोई
तो देखे केवल मन
नई रीत चलाकर तुम
ये रीत अमर कर दो
होंठों से छूलो तुम  ...

जग ने छीना मुझसे
मुझे जो भी लगा प्यारा
सब जीता किये मुझसे
मैं हर दम ही हारा
तुम हार के दिल अपना
मेरी जीत अमर कर दो
होंठों से छूलो तुम  ...

आकाश का सूनापन
मेरे तनहा मन में
पायल छनकाती तुम
आजाओ जीवन में
साँसें देकर अपनी
संगीत अमर कर दो
होंठों से छूलो तुम  ...

हे मैंने क़सम ली



गीतकार : नीरज 
गायक : लता - किशोर 
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : तेरे मेरे सपने (१९७१)

कि: हे मैं ने क़सम ली
ल: ली
कि: हे तूने क़सम ली
ल: ली
कि: नहीं होंगे जुदा हम...
कि/ल: हे मैं ने क़सम ली

कि: साँस तेरी मदिर मदिर जैसे रजनी गंधा
 प्यार तेरा मधुर मधुर चाँदनी की गंगा
ल: hm hm साँस तेरी मदिर मदिर जैसे रजनी गंधा
 प्यार तेरा मधुर मधुर चाँदनी की गंगा
 नहीं होंगे जुदा
कि: नहीं होंगे जुदा
ल: नहीं होंगे जुदा हम... 
 मैं ने क़सम ली
कि: ली
ल: हे तूने क़सम ली
कि: ली
ल: नहीं होंगे जुदा हम...
कि/ल: हे मैं ने क़सम ली

ल: पा के कभी, खोया तुझे, खो के कभी पाया
 जनम जनम, तेरे लिये, बदली हमने काया  
कि: पा के कभी, खोया तुझे, खो के कभी पाया
 जनम जनम, तेरे लिये, बदली हमने काया
 नहीं होंगे जुदा
ल: नहीं होंगे जुदा
कि: नहीं होंगे जुदा हम...
 मैं ने क़सम ली
ल: ली
कि: हे तूने क़सम ली
ल: ली
कि: नहीं होंगे जुदा हम...
कि/ल: हे मैं ने क़सम ली

कि: एक तन है, एक मन है, एक प्राण अपने
 एक रंग, एक रूप, तेरे मेरे सपने
ल: एक तन है, एक मन है, एक प्रण अपने
 एक रंग, एक रूप, तेरे मेरे सपने
 नहीं होंगे जुदा
कि: नहीं होंगे जुदा
ल: नहीं होंगे जुदा हम...
 मैं ने क़सम ली
कि: ली
ल: हे तूने क़सम ली
कि: ली
ल: नहीं होंगे जुदा हम...
कि/ल: हे मैं ने क़सम ली

चुरा लिया है तुमने जो दिल को



गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी 
गायक : आशा - रफी 
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : यादों की बारात (१९७३) 

चुरा लिया है तुमने जो दिल को
नज़र नहीं चुराना सनम
बदल के मेरी तुम ज़िंदगानी
कहीं बदल न जाना सनम
ले लिया दिल, हाय मेरा दिल
हाय दिल लेकर मुझको ना बहलाना
चुरा लिया, चुरा लिया है...

बहार बनके आऊँ कभी तुम्हारी दुनिया में
गुज़र न जाए ये दिन कहीं इसी तमन्ना में    
तुम मेरे हो, हाँ तुम मेरे हो
आज तुम इतना वादा करते जाना 
चुरा लिया, चुरा लिया है...

सजाऊँगा लुट कर भी तेरे बदन की डाली को
लहू जिगर का दूँगा हंसीं लबों की लाली को
है वफ़ा क्या, इस जहां को
एक दिन दिखला दूँगा मैं दीवाना
चुरा लिया, चुरा लिया है...

दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी



गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : शरद कुमार - आशा भोसले 
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : द ग्रेट गॅम्बलर (१९७६)

दो लफ़्ज़ों की है, दिल की कहानी
या है मोहब्बत, या है जवानी

दिल की बातों का, मतलब न पूछो
कुछ और हमसे, बस अब न पूछो
जिसके लिये है, दुनिया दीवानी
या है मोहब्बत...

ये कश्ती वाला, क्या गा रहा था
कोई इसे भी, याद आ रहा था
इससे पुरानी, यादें पुरानी
या है मोहब्बत...

इस ज़िंदगी के, दिन कितने कम है
कितनी है ख़ुशियाँ, और कितने ग़म हैं
लग जा गले से, रुत है सुहानी
या है मोहब्बत...

Monday, 28 November 2016

छुप गए सारे नजारें


गीतकार : आनंद बक्षी
गायक : लता मंगेशकर - मोहम्मद रफी 
संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल 
चित्रपट : दो रास्ते (१९६९)


बोलिये सुरीली बोलियाँ



गीतकार : गुलज़ार, 
गायक : सुलक्षणा पंडित - भूपेंद्र , 
संगीतकार : कनू रॉय, 
चित्रपट : गृहप्रवेश (१९७९)

उठे सबके कदम


गीतकार : अमित खन्ना  
गायक : लता मंगेशकर, अमित कुमार, पर्ल पदमसी  
संगीतकार : राजेश रोशन  
चित्रपट : बातों बातों में 

उठे सबके कदम,  तरा रम\-पम\-पम
अजी ऐसे गीत गाया करो
कभी खुशी कभी ग़म,  तरा रम\-पम\-पम
हंसों और हंसाया करो

वो प्यारे दिन और वो प्यारी रातें
याद हमे हैं वो मुलाकातें
नहीं कोई ग़म मुझे नहीं है गिला
ज़िंदगी की राह में मिला है जबसे तू मेरे हमदम
शबनम हम हैं और तुम शोला बन जाया करो
कभी खुशी ...

रँग नया है रूप नया है
जीने का तो जाने कहाँ ढंग गया है
किसे है फ़िकर इन्हें क्या पसंद
प्यार के जहाँ में रज़ामंद जब हम तुम तुम हम
बन गए हैं सनम बेधड़क मेरे घर आया करो
कभी खुशी ...

जैसे राधा ने माला जपी श्याम की



गीतकार : नीरज 
गायक : लता मंगेशकर 
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : तेरे मेरे सपने (१९७१)

जैसे राधा ने माला जपी श्याम की \- २
मैं ने ओढ़ी चुनरिया तेरे नाम की
तेरे नाम की हो पिया, तेरे ही नाम की
राधा ने ...

प्रीत क्या जुड़ी
प्रीत क्या जुड़ी, डोर क्या बँधी
बिना जतन बिना यतन हो गैइ मैं नयी
बिना मोल की मैं बिकी, बिना दाम की
राधा ने ...

क्या तरंग है
क्या तरंग है, क्या उमंग है
मोरे अँग अँग रचा पी का रंग है
शर्म आई, कैसे कहूँ बात श्याम की
राधा ने ...

पा लिया तुझे, पा लिया
पा लिया तुझे, पाई हर खुशी
चाहूँ बार बार चढ़ूँ तेरी पालकी
सुबह शाम की ये प्यास बड़े काम की
राधा ने ...

पल पल दिल के पास



गीतकार : राजेन्द्र कृष्ण 
गायक : किशोर कुमार 
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी 
चित्रपट : ब्लॅकमेल (१९७३)

पल पल दिल के पास
तुम रहती हो
जीवन मीठी प्यास
ये कहती हो 
हर शाम आँखों पर
तेरा आँचल लहराए
हर रात यादों की
बारात ले आए
मैं साँसों लेता हूँ
तेरी खुशबू आती है
एक महका-महका सा
पैगाम लाती है
मेरे दिल की धड़कन भी
तेरे गीत गाती है 
पल पल दिल के पास
तुम रहती हो…
कल तुझको देखा था
मैंने अपने आँगन में
जैसे कह रही थी तुम
मुझे बाँध लो बंधन में
ये कैसा रिश्ता है
ये कैसे सपने हैं
बेगाने हो कर भी
क्यूँ लगते अपने हैं
मैं सोच में रहता हूँ
डर डर के कहता हूँ  
पल पल दिल के पास
तुम रहती हो…
तुम सोचोगी क्यों इतना
मैं तुमसे प्यार करूँ
तुम समझोगी दीवाना
मैं भी इकरार करूँ
दीवानों की ये बातें
दीवाने जानते हैं
जलने में क्या मज़ा है
परवाने जानते हैं
तुम यूँ ही जलाते रहना
आ आ कर ख़्वाबों में 
पल पल दिल के पास
तुम रहती हो
जीवन मीठी प्यास
ये कहती हो 

Sunday, 27 November 2016

लग जा गले



गीतकार : राजा मेहदी अली खान 
गायक : लता मंगेशकर 
संगीतकार : मदन मोहन 
चित्रपट : वोह कौन थी (१९६४) 

लग जा गले के फिर ये,
हसीं रात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो

हम को मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये, हमको करीब से
फिर आप के नसीब में, ये बात हो ना हो
शायद फिर इस...

पास आईये के हम नहीं आयेंगे बार-बार
बाहें गले में डाल के, हम रो लें जार-जार
आँखों से फिर ये प्यार की बरसात हो ना हो
शायद फिर इस...

रैना बीती जाये, श्याम न आये



गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : लता मंगेशकर 
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : अमर प्रेम 

रैना बीती जाये, श्याम न आये
निंदिया न आये, निंदिया न आये

शाम को भूला, श्याम का वादा
संग दीये के, जागे राधा
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये...

बिरहा की मारी, प्रेम दीवानी
तन मन प्यासा, अंखियों में पानी
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये... 

किस सौतन ने रोकी डगरिया
किस बैरन से लागी नज़रिया
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये..

इशारों इशारों में दिल लेने वाले



गीतकार : एस. एच. बिहारी 
गायक : आशा भोसले, मोहम्मद रफी 
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर 
चित्रपट : कश्मीर की कली 

इशारों इशारों में दिल लेने वाले
बता ये हुनर तूने सीखा कहाँ से
निगाहों निगाहों में जादू चलाना
मेरी जान सीखा है तुमने जहाँ से

मेरे दिल को तुम भा गए
मेरी क्या थी इस में खता
मुझसे जिसने तड़पा दिया
यही थी वो ज़ालिम अदा
ये राँझा की बातें, ये मजनू के किस्से
अलग तो नहीं हैं मेरी दास्तां से
इशारों इशारों में दिल...

मुहब्बत जो करते हैं वो
मुहब्बत जताते नहीं
धड़कने अपने दिल की कभी
किसी को सुनाते नहीं
मज़ा क्या रहा जब की खुद कर दिया हो
मुहब्बत का इज़हार अपनी ज़ुबां से
निगाहों निगाहों में...

माना की जान-ए-जहां
लाखों में तुम एक हो
हमारी निगाहों की भी
कुछ तो मगर दाद दो
बहारों को भी नाज़ जिस फूल पर था
वही फूल हमने चुना गुलसितां से
इशारों इशारों में दिल...



ये चाँद सा रोशन चेहरा



गीतकार : एस. एच. बिहारी 
गायक : मोहम्मद रफी 
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर 
चित्रपट : कश्मीर की कली (१९६४) 

ये चाँद सा रोशन चेहरा, जुल्फों का रंग सुनहरा
ये झील सी नीली आँखे, कोई राज है इन में गहरा
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया
एक चीज़ कयामत भी है, लोगों से सुना करते थे
तुम्हे देख के मैने माना, वो ठीक कहा करते थे
है चाल में तेरी जालिम कुछ ऐसी बला का जादू
सौ बार संभाला दिल को, पर होके रहा बेकाबू
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया
हर सुबह किरन की लाली, है रंग तेरे गालों का
हर शाम की चादर काली, साया है तेरे बालों का
तू बलखाती एक नदियाँ, हर मौज तेरी अंगड़ाई
जो इन मौजो में डूबा, उसने ही दुनिया पाई
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया
मैं खोज में हूँ मंज़िल की और मंज़िल पास है मेरे
मुखड़े से हटा दो आँचल, हो जायें दूर अंधेरे
माना की ये जलवे तेरे, कर देंगे मुझे दीवाना
जी भर के ज़रा मैं देखूँ, अंदाज़ तेरा मस्ताना
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया

Saturday, 26 November 2016

छुपा लो यूं दिल में प्यार मेरा



गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी
गायक : लता - हेमंत कुमार
संगीतकार : रोशन 
चित्रपट : ममता (१९६६)

छुपा लो यूं दिल में प्यार मेरा
के जैसे मंदिर में लौ दिए की
तुम अपने चरणों में रख लो मुझको
तुम्हारे चरणों का फूल हूँ मैं
मैं सर झुकाए खड़ी हूँ प्रीतम
के जैसे मंदिर में लौ दिए की

ये सच है जीना, था पाप तुम बिन
ये पाप मैंने किया है अब तक
मगर थी मन में छबी तुम्हारी
के जैसे मंदिर...

फिर आग बिरहा की मत लगाना
के जल के मैं राख हो चुकी हूँ
ये राख माथे पे मैंने रख ली
के जैसे मंदिर...

कभी कभी मेरे दिल में



गीतकार : साहिर लुधियानवी 
गायक : लता मंगेशकर, मुकेश 
संगीतकार : खय्याम 
चित्रपट : कभी कभी (१९७६)


कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिये 
तू अबसे पहले सितारों में बस रही थी कहीं 
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिये 
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव हैं मेरी ख़ातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँही
उठेगी मेरी तरफ़ प्यार की नज़र यूँही
मैं जानता हूँ के तू ग़ैर है मगर यूँही
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं शहनाइयां सी राहों में
सुहाग रात है घूँघट उठा रहा हूँ मैं  (२)
सिमट रही है तू शरमा के मेरी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है

जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं





गीतकार : आनंद बक्षी, 
गायक : लता मंगेशकर, 
संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल 
चित्रपट : मेहबूब की मेहंदी (१९७१)

इस ज़माने में इस मोहब्बत ने 
कितने दिल तोड़े कितने घर फूँके

जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं \- २
दिल के बदले दर्द\-ए\-दिल लिया करते हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं 
hmmm...

तन्हाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
राहें मुहब्बत में कभी मन्ज़िल नहीं मिलती
दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
उल्फ़त में लोगों का यही अन्जाम होता है
कोई क्या जाने, क्यों ये परवाने, 
क्यों मचलते हैं, ग़म में जलते हैं 
आहें भर भर के दीवाने जिया करते हैं \- २
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं 

सावन में आँखों को, कितना रुलाती है
फ़ुरक़त में जब दिल को किसी की याद आती है
ये ज़िन्दगी यूँ ही बरबाद होती है
हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
ना दवाओं का नाम चलता है
ना दुआओं से काम चलता है
ज़हर ये फिर भी सभी क्यों पिया करतें हैं \- २
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं 

महबूब से हर ग़म मनसूब होता है
दिन रात उल्फ़त में तमाशा खूब होता है
रातों से भी लम्बे ये प्यार के किस्से
आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा\-ए\-यार के क़िस्से
बेमुरव्वत है, बेवफ़ा है वो, 
उस सितमगर का अपने दिलबर का, 
नाम ले ले के दुहाई दिया करते हैं \- २
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं 

Friday, 25 November 2016

मधुबन खुशबू देता है



गीतकार : इंदिवर 
गायक : येशुदास 
संगीतकार : उषा खन्ना 
चित्रपट : साजन बिना सुहागन (१९७८) 

मधुबन खुशबू देता है, सागर सावन देता है
जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है
मधुबन ...

सूरज न बन पाए तो, बनके दीपक जलता चल \-२
फूल मिलें या अँगारे, सच की राहों पे चलता चल \-२
प्यार दिलों को देता है, अश्कों को दामन देता है
जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है
मधुबन ...

चलती है लहराके पवन, के साँस सभी की चलती रहे \-२
लोगों ने त्याग दिये जीवन, के प्रीत दिलों में पलती रहे \-२
दिल वो दिल है जो औरों को, अपनी धड़कन देता है
जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है
मधुबन ...

कई बार यूँ भी देखा है



गीतकार : योगेश 
गायक : मुकेश 
संगीतकार : सलील चौधरी 
चित्रपट : रजनीगंधा (१९७४)

कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ने लगता है
अनजानी प्यास के पीछे
अनजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

राहों में, राहों में, जीवन की राहों में
जो खिले हैं फूल, फूल मुस्कुरा के
कौन सा फूल चुरा के
रखूँ लूँ मन में सज़ा के
कई बार यूँ भी...

जानूँ ना, जानूँ ना, उलझन ये जानूँ ना
सुलझाऊं कैसे कुछ समझ ना पाऊं
किसको मीत बनाऊ
किसकी प्रीत भुलाऊं
कई बार यूँ भी...





Thursday, 24 November 2016

आज फिर जीने की तमन्ना है


गीतकार : शैलेन्द्र
गायक : लता मंगेशकर 
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : गाईड (१९६५)

काँटों से खींच के ये आँचल
तोड़ के बंधन बांधे पायल
कोई न रोको दिल की उड़ान को
दिल वो चला..
आज फिर जीने की तमन्ना है
आज फिर मरने का इरादा है

अपने  ही बस में नहीं मैं
दिल है कहीं, तो हूँ कहीं मैं
जाने का पया के मेरी ज़िंदगी ने
हँस कर कहा..
आज फिर जीने...
मैं हूँ गुबार या तूफ़ां हूँ
कोई बताए मैं कहाँ हूँ
डर है सफ़र में कहीं खो न जाऊँ मैं
रस्ता नया..
आज फिर जीने...

कल के अंधेरों से निकल के
देखा है आँखें मलते-मलते
फूल ही फूल ज़िंदगी बहार है
तय कर लिया..
आज फिर जीने...

बड़े अच्छे लगते हैं



गीतकार : आनंद बक्षी 
गायक : अमित कुमार 
संगीतकार : राहुल देव बर्मन 
चित्रपट : बालिका बधू 

बड़े अच्छे लगते हैं
ये धरती, ये नदिया, ये रैना
और? और तुम

हम तुम कितने पास हैं कितने दूर हैं चाँद सितारे
सच पूछो तो मन को झूठे लगते हैं ये सारे
मगर सच्चे लगते हैं
ये धरती...

तुम इन सबको छोड़ के कैसे कल सुबह जाओगी
मेरे साथ इन्हें भी तो तुम याद बहुत आओगी
बड़े अच्छे...

Wednesday, 23 November 2016

वो शाम कुछ अजीब थी



गीतकार : गुलज़ार
गायक : किशोर कुमार
संगीतकार : हेमंत कुमार 
चित्रपट : खामोशी (१९६९) 


वो शाम कुछ अजीब थी, ये शाम भी अजीब है
वो कल भी पास पास थी, वो आज भी करीब है

झुकी हुई निगाह में, कहीं मेरा ख़याल था
दबी दबी हँसीं में इक, हसीन सा सवाल था
मैं सोचता था, मेरा नाम गुनगुना रही है वो
न जाने क्यूँ लगा मुझे, के मुस्कुरा रही है वो
वो शाम कुछ अजीब थी ...

मेरा ख़याल हैं अभी, झुकी हुई निगाह में
खुली हुई हँसी भी है, दबी हुई सी चाह में
मैं जानता हूँ, मेरा नाम गुनगुना रही है वो
यही ख़याल है मुझे, के साथ आ रही है वो

वो शाम कुछ अजीब थी, ये शाम भी अजीब है
वो कल भी पास पास थी, वो आज भी करीब है

तुम पुकार लो, तुम्हारा इन्तज़ार है






गीतकार : गुलज़ार, 
गायक : हेमंत कुमार, 
संगीतकार : हेमंत कुमार, 
चित्रपट : खामोशी (१९६९) 

तुम पुकार लो, तुम्हारा इन्तज़ार है
ख़्वाब चुन रही है रात, बेक़रार है
तुम्हारा इन्तज़ार है

होंठ पे लिये हुए दिल की बात हम
जागते रहेंगे और कितनी रात हम
मुख़्तसर सी बात है, तुमसे प्यार है
तुम्हारा इन्तज़ार है...

दिल बहल तो जायेगा इस ख़याल से
हाल मिल गया तुम्हारा अपने हाल से
रात ये क़रार की, बेक़रार है
तुम्हारा इन्तज़ार है...