सदाबहार गीत
Friday, 18 May 2018
जिसे तू क़ुबूल कर ले
जिसे तू क़ुबूल कर ले
Jise Tu Qubool Karle
Devdas (1955)
Dilip Kumar
Vyjayantimala
Lata Mangeshkar
Sunday, 25 February 2018
Tuesday, 2 May 2017
ये जो हल्का हल्का सुरूर है - नुसरत फ़तेह अली खान
Yeh Jo Halka Halka Saroor Hai - Nusrat Fateh Ali Khan
Ustad Nusrat Fateh Ali Khan Live in Concert in UK recorder at The Digbeth Civic Centre Birmingham on 30Th October 1983 recorded and released by Oriental Star Agencies Limited
Saturday, 31 December 2016
एक लड़की भीगी भागी सी
गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी
गायक : किशोर कुमार
संगीतकार : सचिन देव बर्मन
चित्रपट : चलती का नाम गाडी (१९५८)
एक लड़की भीगी भागी सी,
सोती रातों में जागी सी
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
सोती रातों में जागी सी
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
दिल ही दिल में
जली जाती हैं,
बिगड़ी बिगड़ी
चली आती हैं
जली जाती हैं,
बिगड़ी बिगड़ी
चली आती हैं
झुंझलाती हुई,
बलखाती हुई,
सावन की सुनी रात में
बलखाती हुई,
सावन की सुनी रात में
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
एक लड़की भीगी भागी सी
डगमग डगमग
लहकी लहकी,
भूली भटकी,
बहकी बहकी
लहकी लहकी,
भूली भटकी,
बहकी बहकी
मचली मचली,
घर से निकली,
पगली सी काली रात में
घर से निकली,
पगली सी काली रात में
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
एक लड़की भीगी भागी सी
तन भीगा हैं,
सर गीला हैं,
उसका कोई पेंच भी ढीला हैं
तनती झुकती,
चलती रुकती,
निकली अंधेरी रात में
सर गीला हैं,
उसका कोई पेंच भी ढीला हैं
तनती झुकती,
चलती रुकती,
निकली अंधेरी रात में
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
एक लड़की भीगी भागी सी,
सोती रातों में जागी सी
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
सोती रातों में जागी सी
मिली एक अजनबी से,
कोई आगे ना पीछे
तुम ही कहो ये कोई बात हैं
खोया खोया चाँद, खुला आसमान
गीतकार : शैलेन्द्र
गायक : मोहम्मद रफी
संगीतकार : सचिन देव बर्मन
चित्रपट : काला बाजार (१९६०)
खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुम को भी कैसे नींद आयेगी
मस्ती भरी, हवा जो चली
खिल खिल गयी ये दिल की कली
दिल की गली में है खलबली
कि उनको तो बुलाओ
ख़ोया खोया चाँद...
तारे चले, नज़ारे चले
संग संग मेरे वो सारे चले
चारो तरह इशारे चले
किसी की तो हो जाओ
खोया खोया चाँद...
ऐसी ही रात, भीगी सी रात
हाथो में हाथ, होते वो साथ
कह लेते उनसे दिल की ये बात
अब तो ना सताओ
खोया खोया चाँद...
हम मिट चले हैं जिनके लिए
बिन कुछ कहे वो चुप चुप रहे
कोई ज़रा ये उनसे कहे
ना ऐसे आजमाओ
खोया खोया चाँद...
लाखों हैं यहाँ दिलवाले
गीतकार : एस. एच. बिहारी
गायक : महेंद्र कपूर
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर
चित्रपट : किस्मत (१९६८)
लाखों हैं यहाँ दिलवाले
और प्यार नहीं मिलता
आखों में किसी की वफ़ा का
इकरार नहीं मिलता
महफ़िल महफ़िल जा देखा,
हर दिल में समाकर देखा
हर साज़ पे गा कर देखा
दिल को कही चैन ना मिला
मैं तो दुनियाँ में प्यारे अकेला ही रहा
इस दिल को कहा ले जाये,
कुछ आप अगर फरमाये
तो आपके हम हो जाये
कह दो हमें, हंस के ज़रा
अजी जो कुछ भी दिल ने तुम्हारे है कहा
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